Wednesday, May 25, 2011

क्या आप जानते हैं भारत में पर्यटकों की कितनी संख्या है? Tourism In India - New Series

क्या आप जानते हैं पर्यटन हमारे देश भारत का सबसे बड़ा सेवा उद्योग (Service Industry) है? भारत की जीडीपी का 6.23 प्रतिशत इसी क्षेत्र से आता है और रोजगार में इसका हिस्सा करीबन नौ प्रतिशत है। भारत में प्रतिवर्ष 50 लाख विदेशी सैलानी आअते हैं। विदेशियों में अमरीका और ब्रिट्घेन से सबसे ज्यादा लोग आते हैं। आँकड़ें बताते हैं कि देसी सैलानियों की तादाद 56 करोड़ के करीब है!! आगे आँकड़ें सुनकर चौंकियेगा नहीं। 2008 में हमने केवल पर्यटन से ही 100 अरब अमरीकी डॉलर का कारोबार किया था जो 2018 तक तीन सौ अरब अमरीकी डॉलर हो जाने का अनुमान है। 

आँकड़ों से एक बात स्पष्ट रूप से उभरती है कि हम यदि चाहें तो हमारे देश में इतने पर्यटन स्थल हैं कि अरबों खरबों की कमाई हो सकती है व रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है। इस देश में विदेशियों के साथ दुर्व्यवहार होता है फिर भी इनकी संख्या में कमी नहीं आई है। इसके पीछे कारण है हमारे देश का गौरवशाली इतिहास, ऐतिहासिक किले व स्मारकें इत्यादि। यदि हम ऐतिहासिक स्थलों को सम्भाल नहीं पाये तो इनकी संख्या जरूर घटेगी। आज से करीबन चार वर्ष पूर्व धूप-छाँव पर आमेर के किले के बारे में लिखा था। उस किले की दशा देख कर यही लगा कि वो अपनी अंतिम साँसें  ले रहा हो। 

भारत में इतने पर्यटन स्थल हैं, इतनी खूबसूरत स्थान व ऐतिहासिक स्थल हैं कि हमें स्वयं भी नहीं पता। कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात-राजस्थान से पूर्वोत्तर की सुंदरता अतुल्य है। शायद इसलिये भारत-सरकार भी "अतुल्य भारत" का प्रचार कर रही है। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली व उत्तर-प्रदेश में सबसे अधिक विदेशी आते हैं वहीं देशी पर्यटकों के लिये आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु पसंदीदी राज्य हैं। 

कुछ और आँकड़े आप तक पहुँचाना चाहूँगा। ताजमहल को देखने के लिये 30 लाख पर्यटक हर साल आते हैं। तमिलनाडु में हैं 34000 मंदिर।आने वाले अंकों में धूप-छाँव पर आप जान सकेंगे राज्यवार पर्यटक स्थल। प्रत्येक राज्य में कौन सी जगह हैं जिन्हें आप देखने के लिये जा सकते हैं। आप काज़ीरंगा अभयारण्य, बौद्धगया का महाबोद्धी मंदिर, हम्पी के स्मारक व अजंता-एलोरा समेत अनेको अनेक स्मारक व स्थलों के बारे में जानेंगे।

दिल्ली का लाल किला अब सफ़ेद रंग में रंगा जा रहा है। पुरातत्व विभाग कहता है कि लाल किला का रंग शुरु से लाल नहीं रहा इसलिये ऐसा किया जा रहा है। 

दिल्ली का लाल किला



अगले अंक में हम जम्मू-कश्मीर से अपनी यात्रा शुरु करेंगे। आपको ये प्रयास कैसा लगा कृपया अवश्य बतायें।

।जय हिन्द।
।वन्देमातरम।

1 comment:

N. L. Shraman said...

यहाँ घुमिये: शीतल शिमला नैनीताल, 
आबू ऊटी कोडइकोनाल ।
कुल्लू मनाली महामसूरी, 
गुलश्री डार्लिंग फिरे कसौली॥

शिमला, नैनीताल,आबू, ऊटी, कोडैकोणाल, कुल्लू, मनाली, महाबलेश्वर, मसूरी, गुलमर्ग,श्रीनगर, दार्जिलिंग, कसौली From Memory Book " भूलना भूल जाओगे"