Thursday, June 23, 2011

क्या आप जानते हैं - कैसे निर्धारित होता है आपके इलाके का पिनकोड? Postal Index Number

पिनकोड का मतलब है Postal Index Number । इसका इस्तेमाल भारतीय डाक सेवा चिट्ठी, पत्र, डाक, रजिस्टर्ड पोस्ट इत्यादि को दिये गये पते पहुँचाने के लिये होता है। पर ये सोचिये कि किसी क्षेत्र का पिनकोड निर्धारित कैसे होता है? किस तरह भारतीय डाक इसका उपयोग करता है? किसी डाक पर पिनकोड न लिखें तो क्या होगा?

भारतीय डाक ने पिनकोड का प्रयोग करना 15 अगस्त 1972 से शुरू किया। भारतीय डाक ने स्वयं को नौ क्षेत्र में बाँटा है। जिनमें से आठ क्षेत्रीय व एक सैन्य विभाग है। आपका पिन छह अंकों का होता है। पहला अंक वो राज्य व क्षेत्र होता है जिसमें आपका डाकघर है। मतलब यदि पहला अंक एक (1) है तो आपका डाकघर दिल्ली, हरियाणा, पंजाव, हिमाचल, चंडीगढ़ अथवा जम्मू व कश्मीर में ही है। इसी तरह दूसरा अंक उप-क्षेत्र दर्शाता है, तीसरा अंक जिला व अंतिम तीन अंक डाक-घर का नम्बर इंगित करता है।

वे नौ क्षेत्र/राज्य जो पिन कोड के अंतर्गत आते हैं। पहला अंक-
1 - दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर व चण्डीगढ़।
2 - उत्तर-प्रदेश, उत्तराखण्ड
3 - राजस्थान, गुजरात, दमन-दीव, दादर-नागर हवेली।
4 - गोआ, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़।
5 - आंध्रप्रदेश, कर्नाटक।
6 - तमिल नाडु, केरल, पुद्दुचेरी व लक्षद्वीप।
7 - उडीसा, पश्चिम बंगाल, अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणीपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, मेघालय, अंडमान-निकोबार।
8 - बिहार व झारखंड।
9 - आर्मी पोस्ट ऑफ़िस।
दूसरा  व तीसरा अंक-
11         दिल्ली
12/13 हरियाणा
14/15 पंजाब
16         चंडीगढ़
17         हिमाचल प्रदेश
18-19 जम्मू-कश्मीर
20 से 28 उत्तर-प्रदेश/उत्तराखंड
30 से 34 राजस्थान
36 से 39 गुजरात
40         गोआ
40 से 44 महाराष्ट्र
45 से 48 मध्यप्रदेश
49         छत्तीसगढ़
50 से 53 आंध्रप्रदेश
56 से 59 कर्नाटक
60 से 64 तमिलनाडु
67 से 69 केरल
682         लक्षद्वीप
70 से 74 पश्चिम बंगाल
744         अंडमान-निकोबार
75 से 77 उड़ीसा
78         असम
79         अरूणाचल प्रदेश
793, 794, 783123 मेघालय
795           मणिपुर
796        मिज़ोरम
799          त्रिपुरा
80 से 85         बिहार व झारखंड

जब एक ही राज्य में दो इलाकों का एक नाम हो तब इस पिनकोड का फ़ायदा होता है। इसलिये भारतीय डाक ने इसका प्रयोग करना प्रारम्भ किया।

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