Thursday, January 25, 2007

ज़िन्दगी एक नींद

ज़िन्दगी एक नींद की तरह् है..कब पूरी हो जाये पता ही नहीं चलता..इसीलिये जितने सपने देख सकते हो देखो..जितना उन्को साकार करने की सोच् सकते हो करो..न जाने कब नींद पूरी हो जाये और् आप फ़िर कभी सपने ना देख ना पायें.!!

1 comment:

Parul said...

bahut khoob kaha !
- Parul